आर्मी MES भर्ती 2025, 2026, सही या झूठ ?

आर्मी MES भर्ती की फर्जी खबरों से सावधान

परिचय

हाल के महीनों में सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म और कुछ वेबसाइट्स पर फर्जी भर्ती विज्ञापन फैलाए गए हैं, जिनमें भारतीय सेना की मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज़ (MES) में भारी संख्या में रिक्तियों का दावा किया गया। एक वायरल पोस्ट में आर्मी MES भर्ती 2025 या 2026 में 28,426 या 41,822 पदों की भर्ती का दावा किया गया, जिससे हज़ारों अभ्यर्थी गुमराह हुए।

आर्मी MES भर्ती

यह ब्लॉग पोस्ट इन दावों की फैक्ट‑चेकिंग करता है, वास्तविक भर्ती घोटालों को उजागर करता है और अभ्यर्थियों को बताता है कि असली नोटिफिकेशन कैसे सत्यापित करें।

आर्मी MES भर्ती 2025

फर्जी खबरों का ट्रेंड

  • एक वायरल स्क्रीनशॉट में दावा किया गया कि पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच भारतीय सेना ने भर्ती अभियान शुरू किया है। फैक्ट‑चेकर्स ने इसे झूठा साबित किया – ऐसा कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ।
  • पुणे में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया जिसने ₹3 लाख लेकर अभ्यर्थियों को फर्जी नौकरी का वादा किया।
  • ये घोटाले खासकर आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को निशाना बनाते हैं और फर्जी रिक्तियों व पात्रता मानदंड फैलाते हैं।

क्यों फैलती हैं फर्जी खबरें?

  • अभ्यर्थियों की बड़ी मांग: रक्षा क्षेत्र की नौकरियाँ प्रतिष्ठित और सुरक्षित मानी जाती हैं।
  • सोशल मीडिया की वायरलिटी: स्क्रीनशॉट और व्हाट्सऐप फॉरवर्ड्स आधिकारिक स्पष्टीकरण से तेज़ी से फैलते हैं।
  • सत्यापन की कमी: कई उम्मीदवार आधिकारिक Army या MES पोर्टल पर जाँच नहीं करते।

फर्जी खबरें क्यों बनाई जाती हैं?

  • विज्ञापन राजस्व:
    कई फर्जी वेबसाइट्स सनसनीखेज भर्ती समाचार डालकर ट्रैफ़िक बढ़ाती हैं और Ads से कमाई करती हैं
  • YouTubers और ब्लॉगर्स:
    कई YouTubers और ब्लॉग साइट्स क्लिकबेट टाइटल्स और बढ़ा‑चढ़ाकर दावे करते हैं ताकि views, subscribers और ad revenue बढ़े।
  • घोटाले और धोखाधड़ी:
    कुछ लोग अभ्यर्थियों से फर्जी आवेदन या “गारंटीड नौकरी” के नाम पर हज़ारों रुपये वसूलते हैं।

यह भी पढ़ें: क्या है MES? Military Engineer Services in India Explained

स्रोत और फर्जी प्लेटफ़ॉर्म

2023 में नवभारत टाइम्स वेबसाइट पर प्रकाशित एक पोस्ट के ज़रिए Army MES भर्ती की फर्जी खबर फैली। यह खबर आज भी वायरल होती रहती है और छात्रों को गुमराह करती है।

यहाँ उन ब्लॉग्स और YouTube प्लेटफ़ॉर्म्स की सूची है जो सिर्फ़ पैसे कमाने के लिए फर्जी खबरें पोस्ट और प्रमोट करते हैं। इन पर कभी भरोसा न करें। ये प्लेटफ़ॉर्म्स क्लिकबेट हेडलाइन्स, भ्रामक थंबनेल और बढ़ा‑चढ़ाकर दावे करके ट्रैफ़िक और ad revenue कमाते हैं।

नामप्लेटफ़ॉर्मकारण
Technical Government Job StudyYouTube चैनलफर्जी वेबसाइट से ली गई गलत जानकारी। एक ही वीडियो कई बार पोस्ट कर views और ब्लॉग पर redirect किया।
Bharat Bhoomi Timesब्लॉग/वेबसाइटकोई Advt No. नहीं। फर्जी वेबसाइट्स से कॉपी किया गया कंटेंट। कई सामग्री गलत पाई गई।
kpic.co.inब्लॉग/वेबसाइटकोई Advt No. नहीं। फर्जी वेबसाइट्स से कॉपी किया गया कंटेंट। कई सामग्री गलत पाई गई।
Technicalgovernmentjobstudy.comब्लॉग/वेबसाइटकोई Advt No. नहीं। फर्जी वेबसाइट्स से कॉपी किया गया कंटेंट। कई सामग्री गलत पाई गई।
jkscholar.comब्लॉग/वेबसाइटकोई Advt No. नहीं। फर्जी वेबसाइट्स से कॉपी किया गया कंटेंट। कई सामग्री गलत पाई गई।

👉 और भी कई फर्जी वेबसाइट्स हैं जो इस तरह की खबरें फैलाती हैं। हमेशा आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ही पुष्टि करें।

फर्जी भर्ती पर भरोसा करने के जोखिम

  • आर्थिक नुकसान: धोखेबाज़ एजेंट या वेबसाइट्स पैसे वसूलते हैं।
  • समय की बर्बादी: तैयारी का कीमती समय गलत अवसरों पर खर्च होता है।
  • कानूनी परेशानी: फर्जी दस्तावेज़ जमा करने पर पुलिस केस हो सकता है।

असली Army MES भर्ती कैसे सत्यापित करें?

  • हमेशा भारतीय सेना और MES की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
  • केवल सरकारी प्रेस रिलीज़ या विज्ञापन पर भरोसा करें।
  • किसी भी दावे को cross‑verify करें, खासकर जब रिक्तियों की संख्या असामान्य लगे।
  • कभी भी किसी व्यक्ति या गैर‑आधिकारिक वेबसाइट को पैसे न दें।

निष्कर्ष

Army MES भर्ती से जुड़ी फर्जी खबरें अभ्यर्थियों को गुमराह करने का साधन हैं। GKnest हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में केवल सत्यापित और आधिकारिक अपडेट्स प्रदान करेगा ताकि छात्रों को गलत जानकारी से बचाया जा सके।

यह खबर English में पढ़े.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. क्या Army MES Recruitment 2025 या 2026 में 28,426 या 41,822 पदों की भर्ती असली है?
नहीं। यह दावा फर्जी है। भारतीय सेना और MES ने ऐसा कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया।

2. Army MES Recruitment की फर्जी खबरें इतनी जल्दी वायरल क्यों होती हैं?

  • रक्षा नौकरियों की बड़ी मांग।
  • क्लिकबेट हेडलाइन्स।
  • वेबसाइट्स, YouTubers और ब्लॉगर्स का ad revenue कमाने का मकसद।

3. फर्जी वेबसाइट्स और YouTubers भर्ती खबरों से पैसे कैसे कमाते हैं?
वे सनसनीखेज पोस्ट और वीडियो डालते हैं ताकि ट्रैफ़िक बढ़े। ज्यादा visitors का मतलब ज्यादा Ads revenue और subscribers

4. असली भर्ती खबर कैसे सत्यापित करें?

  • आधिकारिक Army recruitment portal या MES वेबसाइट देखें।
  • सरकारी प्रेस रिलीज़ या अखबारों में प्रकाशित नोटिफिकेशन देखें।
  • WhatsApp forwards, YouTube वीडियो या ब्लॉग्स पर भरोसा न करें।

5. फर्जी भर्ती खबरों पर भरोसा करने के क्या जोखिम हैं?

  • आर्थिक नुकसान।
  • तैयारी का समय बर्बाद।
  • कानूनी परेशानी।

6. अगर मुझे फर्जी भर्ती खबर दिखे तो क्या करना चाहिए?

  • इसे आगे शेयर न करें।
  • प्लेटफ़ॉर्म (YouTube, Facebook आदि) पर रिपोर्ट करें।
  • अन्य अभ्यर्थियों को आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की सलाह दें।

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